पाकिस्तान के लिए रास्ते बंद लेकिन कारोबार नहीं, व्यापारी यूएई के जरिए ला रहे सेंधा नमक और खजूर। India Pakistan Trade: भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते खराब होने के बावजूद कारोबार जारी है। व्यापारी यूएई के जरिए माल पहुंचा रहे हैं। भारत से देसी चना पाकिस्तान जा रहा है, जबकि पाकिस्तान की सूखी खजूर भारत आ रही है। कारोबारियों ने नए रास्ते तलाश लिए हैं और ओरिजिन कंट्री बदलकर माल की आपूर्ति कर रहे हैं।
पाकिस्तान के लिए रास्ते बंद लेकिन कारोबार नहीं, व्यापारी यूएई के जरिए ला रहे सेंधा नमक और खजूर। India Pakistan Trade: भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते खराब होने के बावजूद कारोबार जारी है। व्यापारी यूएई के जरिए माल पहुंचा रहे हैं। भारत से देसी चना पाकिस्तान जा रहा है, जबकि पाकिस्तान की सूखी खजूर भारत आ रही है। कारोबारियों ने नए रास्ते तलाश लिए हैं और ओरिजिन कंट्री बदलकर माल की आपूर्ति कर रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली
पाकिस्तान के लिए रास्ते बंद लेकिन कारोबार नहीं, व्यापारी यूएई के जरिए ला रहे सेंधा नमक और खजूर।
India Pakistan Trade: भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते खराब होने के बावजूद कारोबार जारी है। व्यापारी यूएई के जरिए माल पहुंचा रहे हैं। भारत से देसी चना पाकिस्तान जा रहा है, जबकि पाकिस्तान की सूखी खजूर भारत आ रही है। कारोबारियों ने नए रास्ते तलाश लिए हैं और ओरिजिन कंट्री बदलकर माल की आपूर्ति कर रहे हैं।
पहले पुलवामा और अब पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्ते खत्म हुए, लेकिन व्यापार नहीं। भारत ने पाकिस्तान के सामान के लिए सीमा बंद की, लेकिन दोनों देशों के बाजार में माल आ-जा रहा है।
भारत का चना इन दिनों बड़े पैमाने पर पाकिस्तान पहुंच रहा है। इसी तरह पाकिस्तान की खारक यानी छुआरा या सूखी खजूर बड़े पैमाने पर भारत आ रही है। सेंधा नमक या लाहौरी नमक भी पाकिस्तान से भारत पहुंच रहा है। कारोबारियों ने माल पहुंचाने के लिए दूसरे रास्ते तलाश लिए हैं।
देसी चने की खेप पहुंची पाकिस्तान
भारतीय देसी चने की बड़ी खेप बीते दिनों में भारत से पाकिस्तान पहुंची है। निर्यातक व कारोबारी बता रहे हैं कि भारत-पाकिस्तान के व्यापारियों ने एक-दूसरे के यहां माल पहुंचाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का रास्ता तलाश लिया है।
भारत के मुंद्रा और कांडला पोर्ट से देसी चना यूएई के लिए लोड हो रहा है, जो पाकिस्तान जा रहा है। पाकिस्तान की खारक या सूखी खजूर भी यूएई से फिर भारत आ रही है।
ओरिजिन कंट्री बदल रही
निर्यात कारोबार से जुड़े इंदौर के कारोबारी महेंद्र काला कहते हैं कि काबुली चने के निर्यात में हमेशा भारत आगे रहा है। मैक्सिको के अलावा भारत सबसे बड़ा काबुली चना निर्यात कर रहा है। इस साल लगातार सूचना आ रही है कि बंदरगाहों से देसी चने की लोडिंग भी बहुत हो रही है।
दरअसल काबुली चने की खपत तो खाड़ी देशों में बहुत होती है, लेकिन देसी चना एशिया के देशों जैसे पाकिस्तान में खपता है। इस बार पाकिस्तान में चने का उत्पादन कमजोर है। भारतीय चने के दाम भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले नर्म है।
कारोबारी अरुण दोषी के अनुसार व्यापारी हलकों के अनुसार करीब 30 हजार टन देसी चना निर्यात हुआ है। इसमें से आधा पाकिस्तान पहुंच रहा है। दरअसल निर्यातक भले ही भारत के हों या पाकिस्तान के वे बिल यूएई के लिए बनाते हैं।
ओरिजिन कंट्री यूएई हो जाती है
वहां की कंपनियों में माल पहुंचने के बाद वे ओरिजिन कंट्री का ठप्पा यूएई लगाती है और वहां से भारत या पाकिस्तान माल फिर निर्यात कर दिया जाता है। भारतीय देसी चना बंदरगाहों से 5500 से 5750 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर लोड हो रहा है।
यह आस्ट्रेलिया या अन्य देशों के चने से सस्ता है इसलिए पाकिस्तान इसे मंगवा रहा है। इसी तरह पाकिस्तान की सूखी खजूर महज 30 से 50 रुपये किलो पर यूएई में आयात हो रही है। वहां से यूएई की सील लगवाकर भारत ला रहे हैं।
अन्य देशों से कारोबार पर रोक नहीं
दि सियागंज होलसेल व्यापारी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नईम पालवाला कहते हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार पुलवामा हमले से बंद है। पाकिस्तान की खारक पर तो 200 प्रतिशत टैक्स भी लागू है। इसे देखते हुए कारोबारियों ने दुबई का रास्ता ढूंढ लिया। ईरान आदि से भी खारक दुबई होते हुए आती है। दुबई के साथ भारत के रिश्ते अच्छे हैं। ऐसे में यूएई के रास्ते कई देशों का माल भारत में आता है। इस पर कोई रोक नहीं है।
Vande Bharat live tv news,Nagpur
Editor
Indian council of Press,Nagpur
Journalist
Contact no.9422428110/9146095536
HEAD OFFICE Plot no.18/19,Flat
no.201,Harmony emporise Payal -
pallavi society new Manish Nagar
somalwada nagpur -440015







